







श्री सुरेन्द्र शर्मा को व्यंग्यश्री सम्मान
व्यंग्य-विनोद के शीर्षस्थ रचनाकार, वाचिक परंपरा के उन्नायक, अपने समय के प्रतिष्ठित पत्रकार, ब्रज साहित्य के मर्मज्ञ, हिन्दी भवन के संस्थापक एवं हिन्दीसेवी पं. गोपाल प्रसाद व्यास की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘व्यंग्यश्री सम्मान-2026’ से राजधानी के लेखकों, पत्रकारों और समाज सेवियों से खचाखच भरे हिन्दी भवन सभागार में सुपरिचित हास्य कवि एवं व्यंग्यकार श्री सुरेन्द्र शर्मा को सम्मानित किया गया। इसके अतंर्गत उन्हें एक लाख रुपये की सम्मान राशि, प्रशस्ति पत्र, रजतश्री फल, वाग्देवी की प्रतिमा व शॉल प्रदान की गई।
इस अवसर पर प्रसिद्ध कवि श्री चिराग जैन ने पं. गोपाल प्रसाद व्यास और व्यंग्यश्री सम्मान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस उत्सव के उत्सव पुरुष श्री सुरेन्द्र शर्मा ने पंडित गोपाल प्रसाद व्यास को स्मरण करते हुए व्यंग्यश्री सम्मान के लिए हिन्दी भवन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं पर लिखी अपनी व्यंग्य रचना ‘एक महान व्यक्ति यानि मैं’ का पाठ भी किया, जिसे सुनकर सभी श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गये।
इस कार्यक्रम में उपस्थित कवि श्री अरुण जैमिनी, श्री वेद प्रकाश वेद, श्री महेन्द्र अजनबी और श्री चिराग जैन ने पं. गोपाल प्रसाद व्यास जी का स्मरण करते हुए उनसे जुड़े अनेकों रोचक संस्मरण सुनाएं तथा अपनी-अपनी कविताओं का पाठ भी किया।
हिन्दी भवन के मंत्री डॉ. गोविन्द व्यास ने श्री सुरेन्द्र शर्मा से जुड़े संस्मरण सुनाएँ, जिन्हें सुनकर पूरा सभागार ठहाकों से गूँज उठा। उन्होंने इस कार्यक्रम में आये सभी लोगों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर राजधानी के साहित्यकार, पत्रकार, हिन्दीसेवी एवं समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।